149 वां मर्यादा महोत्सव: द्वितीय दिवस पूज्य गुरूदेव का प्रवचन

149 वां मर्यादा महोत्सव: द्वितीय दिवस पूज्य गुरूदेव का प्रवचन: शासन कल्पतरू मुख्य बिंदु * शासन कल्पतरू के विकास के लिए जरूरी है हम नवदीक्षित साधु-साध्वी, समण-समणी के संस्कार ज्ञान आदि की अभिवृद्धि करें. * शासन कल्पतरू की सुरक्षा के लिए मर्यादाएं जरूरी. * सबसे बडी मर्यादा है एक आचार्य की आज्ञा में रहना. * साधु-साध्वी तो आज्ञानिष्ठ है ही तो श्रावक समाज भी पीछे नहीं है, पूर्ण श्रद्धानिष्ठ है.

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