आंतरिक गुणों का विकास करने वाला सही अर्थों में स्वतन्त्र : साध्वीश्री मधुस्मिता

इचलकरंजी. १५ अगस्त. भारत के 69 वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर स्थानीय तेरापंथ भवन में साध्वीश्री मधुस्मिताजी के सान्निध्य में विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया. साध्वीश्री मधुस्मिताजी ने उपस्थित सभा को उद्बोधन प्रदान करते हुए कहा- 'स्वतंत्रता दिवस का अंगरेजी अनुवाद है- INDEPENCE DAY. यदि हम इसके प्रत्येक अक्षर की व्याख्या करें तो I-Introspection (आत्मावलोकन) , N-New (नए आयाम/लक्ष्य), D-Disciplline (अनुशासन), E-Enthusiasm (उत्साह), P-Purity (आत्मशुद्धि) , E-Empathy (संवेदनशीलता) , N-Nobility (सज्जनता), D-Detachment (अनासक्ति), E-Equality (समानता) , N-Now (वर्तमान में जीना), C-Character (चरित्रवान), E-Egoless (गर्व रहित) , D- Dutyful (कर्तव्यपरायण), A-Ability (योग्यता), Y-Yog (सम्यक जीवन शैली). यदि हम इन गुणों का विकास करें तो हम सही अर्थों में स्वतंत्र बन सकेंगें.

इस अवसर पर सभा अध्यक्ष श्री जेसराज छाजेड, मंत्री पुष्पराज संकलेचा आदि ने सभी को स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं प्रेषित की.

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