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Showing posts with the label Ichalkaranji News

जैन सामायिक फेस्टिवल हेतु मिला मुनिश्री धर्मप्रभसागरजी म.सा. का शुभाशीष

29.12.19, इचलकरंजी। अचलगच्छीय मुनि श्री धर्मप्रभसागरजी म.सा.  आदि ठाणा ने आगामी 05.01.2020  को अभातेयुप के तत्वावधान में  आयोजित होने वाले जैन सामायिक फेस्टिवल  की सराहना करते हुए शुभाशीष प्रदान करवाया एवं  रविवार को  समता से समाधि   इस विषय पर विशेष प्रवचन  रखा गया जिसमें मुनि श्री धर्मशेखरसागरजी म.सा. ने सामायिक के अर्थ, महत्व, लाभ आदि के बारे में बताया व श्रावक समाज को  05 जनवरी 2020 को हो रहे जैन सामायिक फेस्टिवल में सम्मिलित होने की प्रेरणा दी। तेयुप अध्यक्ष प्रवीण भंसाली ने  जैन सामायिक फेस्टिवल की विस्तृत जानकारी दी। तेरापंथ सभा अध्यक्ष दीपचंद तलेसरा, अभातेयुप सदस्य संजय वैदमेहता, कार्यक्रम संयोजक धर्मेंद्र कांकरिया, मणिधारी दादावाड़ी ट्रस्ट अध्यक्ष अशोक बोहरा, तेयुप इचलकरंजी की टीम व बड़ी संख्या में  श्रावक श्राविका समाज उपस्थित था।

जैन सामायिक फेस्टिवल बैनर का हुआ अनावरण

25.12.19, इचलकरंजी. BJS द्वारा  समग्र जैन समाज हेतु आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान BJS के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री राजेन्द्र लुंकड़  के हाथों अभातेयुप के तत्वावधान में आयोजित होने वाले जैन सामयिक फेस्टिवल के स्थानीय बैनर का अनावरण किया गया। #jainsamayikfestival श्री लुंकड़ ने अपने वक्तव्य में इस आयोजन को जैन एकता व विश्व मैत्री हेतु महत्वपूर्ण बताते हुए जानकारी दी कि BJS की समस्त भारत में फैली लगभग 1300 शाखाओं को इस आयोजन में सहभागी बनने हेतु सूचित कर दिया गया है। अभातेयुप सदस्य श्री संजय वैदमेहता ने जैन सामायिक फेस्टिवल के संदर्भ में विस्तृत जानकारी प्रस्तुत की एवं सभी जैन श्रावक श्राविकाओं से अधिक से अधिक संख्या में जैन सामायिक फेस्टिवल में जुड़ने की अपील की। तेयुप अध्यक्ष श्री प्रवीण भंसाली ने स्वागत किया। जैन सामायिक फेस्टिवल के संदर्भ में प्राप्त प्रचार सामग्री को यथा स्थान LED स्क्रीन पर दिखाया गया। कार्यक्रम के पश्चात जैन सामायिक फेस्टिवल के प्रचारार्थ  एक काउंटर भी लगाया गया। इस अवसर पर तेरापंथ सभा इचल. अध्यक्ष श्री दीपचंद तलेसरा, मंत्री श्री पुष्पराज संकल...

अभातेमम राष्ट्रीय अध्यक्ष कुमुद कच्छारा की इचलकरंजी संगठन यात्रा

21 जुलाई 2019, इचलकरंजी। अखिल भारतीय तेरापंथ महिला मंडल की राष्ट्रीय अध्यक्ष श्रीमती कुमुद कच्छारा का आज महाराष्ट्र प्रभारी श्रीमती निर्मला चंडालिया व श्रीमती जयश्री जोगड़ सहित आज इचलकरंजी शाखा मंडल की संगठन यात्रा हेतु आगमन हुआ। इस अवसर पर आयोजित समारोह में राष्ट्रीय अध्यक्ष श्रीमती कुमुद कच्छारा ने बहिनों को संबोधित करते हुए कहा कि- संघ संगठन के प्रति समर्पण व निष्ठा के भाव होते है तभी हम गुरुओं के अवदानों को जन जन तक पहुंचाने एवं संगठन के उद्देश्यों की प्राप्ति की दिशा में आगे बढ़ पाते है। उन्होंने लक्ष्य निर्धारण एवं उसकी प्राप्ति हेतु 5 D - Direction, Dedication, Determination, Devotion, Discipline के सुंदर सूत्र बताएं। पूज्यप्रवर के आगामी पश्चिम महाराष्ट्र प्रवास की पृष्ठभूमि की चर्चा करते हुए कहा कि पूज्यप्रवर का स्वागत हम आध्यात्मिक भेंट से करें इसलिए उन्होंने बहिनों को बारह व्रती बनने व उपासक श्रेणी से जुड़ने की प्रेरणा दी एवं जो बहिनें तत्व प्रचेता व तेरापंथ प्रचेता बन चुकी है उन्हें जैन स्कॉलर बनने हेतु आह्वान किया। उन्होंने उपस्थित कन्याओं को कन्या मंडल अधिवेशन में सहभागित...

मंत्र दीक्षा - इचलकरंजी व जयसिंगपुर

21 जुलाई 2019, जयसिंगपुर। अखिल भारतीय तेरापंथ युवक परिषद् द्वारा निर्देशित मंत्र दीक्षा का आयोजन साध्वीश्री लावण्यश्रीजी आदि ठाणा 3 के सान्निध्य में तेयुप इचलकरंजी व तेयुप जयसिंगपुर के संयुक्त तत्वावधान में किया गया।  इस अवसर पर अभातेमम की राष्ट्रीय अध्यक्ष कुमुद कच्छारा, नगराध्यक्ष नीताजी माने, अभातेमम महाराष्ट्र प्रभारी निर्मला चंडालिया, जयश्री जोगड़, अभातेयुप सदस्य संजय वैदमेहता, इचलकरंजी सभा अध्यक्ष दीपचंद तलेसरा, जयसिंगपुर सभा अध्यक्ष अशोक रुणवाल, सांगली सभा अध्यक्ष जयचंद लूंकड़, प. महाराष्ट्र ज्ञानशाला संयोजिका भारतीदेवी संकलेचा, तेमम इचलकरंजी अध्यक्ष सीमा डागा, तेमम जयसिंगपुर अध्यक्ष पुष्पादेवी बरड़िया आदि मान्यवर विशेष रूप से उपस्थित थे। इचलकरंजी एवं जयसिंगपुर के बच्चों को मंत्र दीक्षा प्रदान करते हुए साध्वीश्री लावण्यश्रीजी ने कहा- मंत्र दीक्षा के द्वारा बचपन में ही महामंत्र के प्रति घनीभूत आस्था का निर्माण किया जाता है. महामंत्र के प्रभाव से विपत्ति अपने आप दूर हो जाती है, संकट टल जाते है, समस्याएँ समाहित हो जाती है। देव, गुरु, धर्म के प्रति सम्यक श्रद्धा होनी चाहिए। उन्हो...

तेयुप इचलकरंजी द्वारा अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस मनाया

21 जून 2019, अभातेयुप के निर्देशानुसार तेयुप इचलकरंजी ने नाकोड़ा हिंदी मीडियम स्कूल में अंतरराष्ट्रीय योग दिवस मनाया। स्कूल के प्राध्यापक ने नमस्कार महामंत्र का उच्चारण करके शुरुआत की एवं आए हुए अतिथियों का स्वागत किया।  इस कार्यक्रम के योग प्रशिक्षक श्री राजेश सुराणा एवं श्री विकास सुराणा ने श्वास के साथ और योग की महत्वता बताते हुए सभी को प्रशिक्षण दिया। शिक्षकगण एवं 150 विद्यार्थी ने इसका लाभ लिया। तेयुप अध्यक्ष श्री प्रवीण भंसाली ने प्रशिक्षक गण एवं आए हुए सभी मान्यवरओं का एवं विद्यार्थियों का स्वागत व आभार किया। कार्यक्रम के संयोजक अनिल छाजेड़ ने आयोजन हेतु साधुवाद किया।  इस कार्यक्रम में नाकोड़ा एजुकेशन सोसायटी के अध्यक्ष दीपचंदजी तलेसरा, सचिव अशोकजी सकलेचा, अभातेयुप सदस्य श्री दिनेश छाजेड़, निवर्तमान अध्यक्ष सुरेंद्र छाजेड़, उपाध्यक्ष  नरेश डागा,  मंत्री संतोष भंसाली, संगठन मंत्री विनोद भंसाली,  कार्यकारिणी सदस्य  रोहित भंसाली,  मुकेश बालड, पुनीत ढेलड़िया, अंकुर जैन, निर्मल संकलेचा, किशोर मंडल सह संयोजक प्रवीण भंसाली आदि सदस्य उपस्थित थे। ...

तेयुप इचलकरंजी कार्यकारिणी 19-20 का शपथ ग्रहण समारोह

तेरापंथ युवक परिषद, इचलकरंजी की सत्र 2019-20 की नूतन कार्यकरिणी का शपथ गृहण समारोह आज साध्वीश्री लावण्यश्री आदि ठाणा 3 के  सानिध्य मे सम्पन्न हुआ। तेरापंथ सभा के अध्यक्ष दीपचंदजी तलेसरा, मंत्री पुष्पराजजी संकलेचा, अभातेयुप सदस्य संजय वैदमेहता, दिनेश छाजेड़ आदि ने नवनिर्वाचित कार्यकारिणी के प्रति शुभकामनाएं दी व आगामी कार्यकाल के लिये मंगलकामना की। तेरापंथ युवक परिषद के निवर्तमान अध्यक्ष श्री सुरेन्द्र छाजेड ने सभी कार्यकारिणी सदस्यो को शपथ दिलवाई एवं सबके प्रति मंगलकामना की। सम्पुर्ण तेरापंथ समाज ने भी सभी सदस्यो के प्रति मंगल कामना की। साध्वीश्री ने अपने उध्बोधन मे सभी सदस्यो को व्यसन मुक्त एवं प्रतिदिन नवकार महामंत्र का जाप करने की प्रेरणा दी। नवमनोनीत अध्यक्ष  श्री प्रवीण भंसाली ने सभी युवा साथियों की ओर से साध्वीश्रीजी के प्रति कृतज्ञता ज्ञापित की और समाज को विश्वास दिलाया कि युवाशक्ति हर कार्य के लिए कटिबद्ध है।

जस्टिस गौतम चौरड़िया ने किया तेरापंथ समाज इचलकरंजी को संबोधित

इचलकरंजी, 11 जून। छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय के न्यायाधीश माननीय जस्टिस युवकरत्न श्री गौतम चौरड़िया एवं सूरत से युवा गौरव श्री राजेश सुराणा का इचलकरंजी आगमन हुआ। इस अवसर पर साध्वीश्री लावण्यश्रीजी के सान्निध्य में आयोजित समारोह में उपस्थितों को संबोधित करते हुए माननीय जस्टिस श्री गौतम चौरड़िया ने कहा कि आज दुनिया बड़ी तेजी से आगे बढ़ रही है और दुनिया के साथ कदम मिलाकर चलने के लिए हमें लक्ष्य निर्माण करना होगा और समय के मूल्य को आंकना होगा। जो समय के मूल्य को समझते है, उस दिशा में पुरुषार्थ  करते है, वह निश्चित लक्ष्य को प्राप्त करते है। उन्होंने तेरापंथ धर्मसंघ के नवमाधिशास्ता आचार्य श्री तुलसी का स्मरण करते हुए कहा कि मुझे गुरुदेव  श्री तुलसी का वरद हस्त मिला तो मेरे जैसे साधारण व्यक्ति के जीवन का निर्माण हो गया। धर्म - अध्यात्म का जीवन में बड़ा महत्व है।  उन्होंने उपस्थितों को जीवन के हर क्षेत्र में अध्यात्म का पुट रखने की बात कहते हुए चौदह  नियम व बारह व्रत ग्रहण करने की प्रेरणा दी। द्वितीय दिन अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि - जो सरल होता है उसका विकास होता है। आध्...

प्रवीण भंसाली तेयुप इचलकरंजी के अध्यक्ष मनोनीत

तेयुप इचलकरंजी की वार्षिक साधारण सभा संपन्न  सत्र 2019-20 के लिए श्री प्रवीण भंसाली अध्यक्ष मनोनीत 15 जून 2019, इचलकरंजी। तेरापंथ युवक परिषद् इचलकरंजी की सत्र 2018-19 की वार्षिक साधारण सभा दोपहर 3:30 बजे से तेरापंथ भवन में आयोजित हुई। सभा का शुभारंभ नमस्कार महामंत्र एवं विजय गीत से हुआ। श्रावक निष्ठा पत्र का वाचन अभातेयुप सदस्य श्री संजय वैदमेहता ने किया। अध्यक्ष श्री सुरेन्द्र छाजेड़ ने अपने स्वागत भाषण में सभी का स्वागत करते हुए अपने कार्यकाल में मिले सहयोग के लिए सभी को धन्यवाद दिया। अभातेयुप सदस्य श्री दिनेश छाजेड़ ने अपने भावों की अभिव्यक्ति दी। मंत्री श्री संतोष भंसाली ने मंत्री प्रतिवेदन प्रस्तुत किया। कोषाध्यक्ष श्री मुकेश भंसाली ने 2018-19 के आय-व्यय का ब्यौरा प्रस्तुत कर पारित करवाया। चुनाव अधिकारी श्री दीपचंद तलेसरा व श्री मोहनलाल छाजेड़ ने मनाव प्रक्रिया पूर्ण करवा कर सर्वसम्मति से श्री प्रवीण पारसमल भंसाली को आगामी सत्र 2019-20 के लिए अध्यक्ष मनोनयन की घोषणा की। निवर्तमान अध्यक्ष श्री सुरेन्द्र छाजेड़ ने नवमनोनीत अध्यक्ष को बैज लगाकर दायित्व हस्तांतरित किया। नव मनोन...

तेरापंथ युवक परिषद इचलकरंजी द्वारा लक्ष्य कार्यशाला आयोजित

अभातेयुप के तत्वावधान में तेयुप इचलकरंजी द्वारा स्थानीय तेरापंथ भवन में आचार्य श्री महाश्रमण जी की सुशिष्या साध्वी श्री लावण्यश्री जी ठाणा 3 के सान्निध्य में  पश्चिम महाराष्ट्र उत्तर कर्णाटक स्तरीय व्यक्तित्व कार्यशाला "लक्ष्य...हो ऊंचा हमारा" का आयोजन किया गया । इस कार्यक्रम में पश्चिम महाराष्ट्र एवं उत्तर कर्णाटक की 9 परिषदों एवं कुल 270 संभागियों ने सहभागिता दर्ज की । साध्वीश्री लावण्यश्रीजी ने उपस्थित संभागियों को प्रेरणा पाथेय प्रदान करते हुए फरमाया कि हम जैसे जैसे आगे बढ़ते है, वैसे वैसे लक्ष्य निर्धारण करने की क्षमता बढ़ती है । जब लक्ष्य हांसिल कर लेते है प्रसन्नता मिलती है । अभातेयुप सेवा-संस्कार एवं संगठन के त्रिआयामी उद्देश्यों का अभियान अनुकरणीय है । साध्वीश्रीजी ने उपस्थित श्रावक समाज को लक्ष्य निर्धारण के साथ सफलता के सूत्र बताते हुए फरमाया कि● अपने आप में खुश रहें। ● अपना रिमोट अपने हाथ में रखें । कंट्रोल पावर (नियंत्रण शक्ति) मजबूत होना चाहिए।  ● अपनी खूबियों को देखें । ● काम को भार नहीं उपहार मानें । ● सकारात्मक नजरिया रखें ।● खुशियां बांटो । ●...

जैन संस्कार विधि : प्रगतिमान प्रयोग

इचलकरंजी, 19 फरवरी। तेरापंथ युवक परिषद् इचलकरंजी  के कार्यसमिति सदस्य श्री संतोष चौपडा का जन्मदिवस आज जैन संस्कार विधि से उनके निवास स्थान पर मनाया गया। तेयुप इचलकरंजी के सलाहकार  श्री पंकज जोगड़ ने जैन संस्कार विधि पूर्ण करवाई । इस अवसर पर तेयुप इचलकरंजी के मंत्री श्री विकास सुराणा, सलाहकार श्री महेन्द्र छाजेड, भजन मंडली प्रभारी श्री संतोष भंसाली आदि उपस्थित थे। - इचलकरंजी, 25 फरवरी। तेरापंथ युवक परिषद् इचलकरंजी  के संगठन मंत्री श्री प्रवीण भंसाली का जन्मदिवस आज जैन संस्कार विधि से उनके निवास स्थान पर मनाया गया। तेयुप इचलकरंजी के सलाहकार  श्री पंकज जोगड़ ने जैन संस्कार विधि पूर्ण करवाई । इस अवसर पर तेयुप इचलकरंजी के उपाध्यक्ष श्री सुरेन्द्र छाजेड़, मंत्री श्री विकास सुराणा, भजन मंडली प्रभारी श्री संतोष भंसाली, श्री बसंत गिडिया आदि उपस्थित थे।

भक्तामर स्तोत्र जप अनुष्ठान

इचलकरंजी, 28 फरवरी। महातपस्वी आचार्य श्री महाश्रमणजी की आज्ञानुवर्तिनी 'शासन श्री' साध्वी श्री विद्यावतीजी 'द्वितीय' के पावन सान्निध्य में  'भक्तामर स्तोत्र जप अनुष्ठान' का सामूहिक कार्यक्रम आयोजित हुआ। इसमें 27 जोड़ों ने स्वस्तिक के आकार में बैठकर अनुष्ठान किया। एक स्वर एक लय में भक्तामर स्तोत्र के पाठ से पूरा वातावरण अध्यात्ममय बन गया।   साध्वीश्रीजी ने भक्तामर स्तोत्र का महत्व बताते हुए कहा कि भक्तामर स्तोत्र की रचना महाप्रभावक आचार्य मानतुंग ने की थी। उनकी प्राय: रचना प्रभु भक्ति से ओतप्रोत है। भक्तामर स्तोत्र भी उनका सुमधुर एवं भक्ति रस से युक्त स्तोत्र है। भगवान आदिनाथ के प्रति समर्पण एवं सघन आस्था की पवित्र भावना भरी है।   साध्वी प्रेरणाश्रीजी ने अ न्य आध्यात्मिक मन्त्रों का जाप करवाया । इस अवसर पर कोप्पल, गदग आदि क्षेत्रों से आए हुए अतिथियों का तेरापंथ सभा इचलकरंजी की ओर से साहित्य भेंट कर सम्मान किया    गया। अनुष्ठान में सहभागी जोड़ों को सभा की ओर से सामायिक किट भेंट किया गया।  कोप्पल सभाध्यक्ष श्री रामलाल ज...

साध्वीवृंद की हस्तनिर्मित कलाकृतियों ने मोहा सबका मन

इचलकरंजी, 03 मार्च. आज स्थानीय तेरापंथ भवन में श्रावकों के आग्रह पर शासनश्री साध्वीश्री विद्यावतीजी 'द्वितीय' द्वारा बनाई गयी हस्तनिर्मित कलाकृतियों की प्रदर्शनी रखी गयी. इस हस्तकला प्रदर्शनी में अत्यंत ही सूक्ष्म लिखाई, चित्रकारी, अनोखे हेन्ड आर्ट आदि प्रदर्शित किए गए. छोटे से कागज़ के टुकड़े पर ॐ के आकार में दशवैकालिक सूत्र के १०१ श्लोक के ३२६० अक्षरों की सुघड़ सुन्दर लिखावट, पीपल के जालीदार पत्तो पर धार्मिक कथाओं आदि की सुन्दर चित्रकारी, चन्दन काष्ठ में उकेरी हुई कलाकृतियाँ , केवल कागज एवं रंगों का प्रयोग कर बनाए गए मोतीनुमा हार, मालाएँ, नाना प्रकार की मन को मोह लेने वाली कलाकृतियों को देखने वाले मंत्रमुग्ध हो कर निहारते रहे. साध्वीश्रीजी ने कलाकृतियों के बारे में जानकारी देते हुए फरमाया कि- हम सौभाग्यशाली है कि जिनशासन एवं तेरापंथ धर्मसंघ मिला जहा व्यक्ति को हर क्षेत्र में विकास करने का अवसर मिलता है. तेरापंथ धर्म संघ में कला का बहुत विकास हुआ । साधु-साध्वी हर काम ऐसे कलात्मक तरीके से करने का प्रयास करते है, इससे एकाग्रता की साधना सहज रूप से हो जाती है।

शासनश्री साध्वीश्री विद्यावतीजी 'द्वितीय' अभिनंदन समारोह

त्यागी का अभिनंदन करें त्याग से : शासनश्री साध्वी विद्यावतीजी परमपूज्य आचार्य श्री महाश्रमणजी द्वारा साध्वीश्री विद्यावतीजी 'द्वितीय' को "शासनश्री" संबोधन प्रदान होने पर इचलकरंजी में अभिनंदन समारोह का हुआ आयोजन इचलकरंजी, 21 फरवरी। तेरापंथ धर्मसंघ के 152 वें मर्यादा महोत्सव के पुनीत अवसर पर परमपूज्य आचार्य श्री महाश्रमणजी द्वारा साध्वीश्री विद्यावतीजी 'द्वितीय' को "शासनश्री" संबोधन प्रदान किया गया। इसी उपलक्ष में आज तेरापंथ सभा इचलकरंजी द्वारा स्थानीय तेरापंथ भवन में अभिनंदन समारोह का आयोजन किया गया। इस अवसर पर उपस्थित श्रावक समाज को प्रेरणा देते हुए साध्वीश्री विद्यावतीजी 'द्वितीय' ने कहा कि - त्यागियों का अभिनंदन त्याग से हो तो जीवन मंगलमय बन सकता है एवं अभिनंदन करना सार्थक हो सकता है। उन्होंने परमपूज्य गुरुदेव के प्रति कृतज्ञता ज्ञापित करते हुए कहा कि मैं आत्मलक्षी बनकर आगे बढ़ सकूँ उस दृष्टि से गुरुदेव ने यह कृपा करवाई है। उन्होंने कथा के माध्यम से बताया कि संसार में सबसे बड़ा गुरु होता है। गुरु ही ब्रह्मा-विष्णु-महेश...

MBDD-2016 रक्तदान शिविर का आयोजन

अभातेयुप निर्देशित एवं तेयुप इचलकरंजी द्वारा आयोजित शिविर में 67 रक्त यूनिट संग्रहित इचलकरंजी, 14 फरवरी। अभातेयुप द्वारा वर्ष 2016 में "मेगा ब्लड डोनेशन ड्राइव - 2016 " के रूप में वर्ष पर्यंत रक्तदान अभियान चलाया जा रहा है। इसी के तहत तेरापंथ युवक परिषद् इचलकरंजी द्वारा स्थानीय तेरापंथ भवन में आज रक्तदान शिविर आयोजित किया गया । इस रक्तदान शिविर हेतु मिरज सेरोलोजिकल इंस्टिट्यूट (MSI) ब्लड बैंक की चिकित्सकीय टीम की सेवाए ली गयी। शिविर में कुल 67 रक्त यूनिट संग्रहित किए गए। प्रात: 8 बजे सभा अध्यक्ष श्री जेसराज छाजेड़, मंत्री श्री पुष्पराज संकलेचा, तेयुप अध्यक्ष श्री संजय वैदमेहता, मंत्री श्री विकास सुराणा, MBDD स्थानीय संयोजक श्री प्रवीण भंसाली, तेयुप पदाधिकारी गण, कार्यसमिति गण, सदस्य गण एवं समाज की उपस्थिति में नमस्कार महामंत्र के साथ रक्तदान शिविर का शुभारंभ किया गया। पूना से समागत  अभातेयुप प्रकाशन सहप्रभारी एवं तेयुप इचलकरंजी के शाखा प्रभारी श्री मनोज संकलेचा एवं अभातेमम की इवेंट संयोजिका पुष्पा कटारिया ने भी दोपहर में शिविर का अवलोकन किया। इस शिविर के...

सीमांत महाराष्ट्र-कर्नाटक स्तरीय व्यक्तित्व विकास कार्यशाला “निर्माण” का आयोजन

इचलकरंजी. 25 अक्टूबर. परमपूज्य आचार्यश्री महाश्रमणजी की विदुषी सुशिष्या साध्वीश्री मधुस्मिताजी आदि ठाणा 7 के पावन सान्निध्य में एवं अखिल भारतीय तेरापंथ युवक परिषद् के तत्वावधान में तेयुप इचलकरंजी द्वारा “सीमान्त महाराष्ट्र-कर्नाटक स्तरीय व्यक्तित्व कार्यशाला : निर्माण सर्वांगीण व्यक्तित्व का” आयोजन किया गया. इचलकरंजी, पिंपरी चिंचवड़, सोलापुर, कोप्पल, पनवेल, गोरेगांव  आदि क्षेत्रों की परिषदों के सदस्यों सहित कुल २५० संभागियों ने इस कार्यशाला में सहभागिता की. प्रथम उद्घाटन एवं प्रशिक्षण सत्र: साध्वीश्री मधुस्मिताजी द्वारा नमस्कार महामंत्रोच्चरण के साथ कार्यशाला का शुभारम्भ हुआ. तेयुप इचलकरंजी द्वारा विजय गीत संगान किया गया. कार्यशाला की अध्यक्षता कर रहे अभातेयुप अध्यक्ष श्री बी.सी. भलावत ने कार्यशाला के उद्घाटन की विधिवत् घोषणा की एवं श्रावक निष्ठा पत्र का वाचन करवाया. केन्द्रीय संयोजक श्री दिनेश छाजेड ने अतिथि परिचय प्रस्तुत किया. तेयुप इचलकरंजी अध्यक्ष श्री संजय वैदमेहता एवं तेरापंथ सभा इचलकरंजी के अध्यक्ष श्री जेसराज छाजेड ने स्वागत वक्तव्य प्रस्तुत किया. तेयुप इचलकरंजी द्वारा स...

मासक्षमण तप अभिनंदन समारोह आयोजित

इचलकरंजी. २१ सितम्बर. स्थानीय तेरापंथ भवन में साध्वीश्री मधुस्मिताजी के पावन सान्निध्य में "मासक्षमण तप अभिनंदन समारोह" आयोजित किया गया. तपस्विनी सौ. मंजुदेवी लोढा के मासक्षमण तप की अनुमोदना में उपस्थित धर्मसभा को पावन पाथेय प्रदान करते हुए साध्वीश्री मधुस्मिताजी ने फरमाया- तप के लिए तन का बल ही नहीं अपितु संकल्प बल जरूरी होता है. संकल्प बल के सहारे इंसान जो सोचता है और जिसमें यकीन करता है , उसे हांसिल भी कर सकता है. उन्होंने तपस्या की श्रृंखला ऐसे ही कार्तिक शु. पूर्णिमा तक सतत रखने की प्रेरणा दी. साध्वीश्री स्वस्थप्रभाजी ने साध्वीप्रमुखा श्री कनकप्रभाजी द्वारा प्रदत्त संदेश का वाचन किया. उन्होंने इस अवसर पर दीर्घ तपस्विनी साध्वीश्री पन्नाजी का भी पावन स्मरण किया.  इससे पूर्व महिला मंडल के सामूहिक स्वर के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ. सभा अध्यक्ष श्री जेसराज छाजेड, तेयुप अध्यक्ष श्री संजय वैदमेहता, महिला मंडल अध्यक्षा सौ. सुनीता गिडिया, प्राची लोढा आदि परिवार जनों ने वक्तव्य के माध्यम से तप अनुमोदना की. सौ. शिल्पा बाफना, श्री मुकेश भंडारी, सौ. खुशबू भं...

किशोर-कन्या शिविर आयोजित

इचलकरंजी. २० सितम्बर. तेरापंथ युवक परिषद् इचलकरंजी की ओर से साध्वीश्री मधुस्मिताजी के सान्निध्य में किशोर-कन्या शिविर का आयोजन किया गया. कुल ४० संभागी इस शिविर में सम्मिलित हुए. उपस्थित संभागियों को पावन पाथेय प्रदान करते हुए साध्वीश्री मधुस्मिताजी ने कहा-व्यक्ति के कार्यकलाप, उसके व्यवहार एवं शारीरिक सौंदर्य की युति का नाम व्यक्तित्व है. व्यक्तित्व विकास के लिए आवश्यक है- तीव्र एवं गहरी इच्छा शक्ति, लक्ष्य निर्धारण, सकारात्मक दृष्टिकोण, एकाग्रता, विनम्रता एवं समयबद्धता. मुख्य  वक्ता श्री राजेश सुराणा ने "सकारत्मक चिंतन एवं मस्तिष्कीय शक्ति" पर सारगर्भित मार्गदर्शन प्रदान किया. इससे पूर्व किशोर-कन्याओं द्वारा “ जय-जय शासनम् ” गीतिका के साथ मंगलाचरण किया गया.  तेयुप अध्यक्ष संजय वैदमेह्ता ने अध्यक्षीय वकतव्य करते हुए कहा कि- किशोर अवस्था विकास की अवस्था है. शारीरिक-बौद्धिक विकास के साथ साथ मानसिक एवं भावनात्मक विकास भी आवश्यक है. अभातेयुप संगठन ने भावी पीढ़ी में संस्कारों का निर्माण हो उस उद्देश्य से अनेको क्रम संचालित किए है. सभा अध्यक्ष श्री जेसराज छाजेड ने किशोर...

“पश्चिमांचल श्रावक सम्मेलन” का इचलकरंजी में हुआ सफल आयोजन

इचलकरंजी. 6 सितम्बर. परमपूज्य आचार्यश्री महाश्रमणजी की विदुषी सुशिष्या साध्वीश्री मधुस्मिताजी आदि ठाणा 7 के पावन सान्निध्य में तेरापंथ सभा इचलकरंजी द्वारा “पश्चिमांचल श्रावक सम्मेलन” आयोजन दिनांक 6 सितम्बर को किया गया. महाराष्ट्र के इचलकरंजी, जयसिंगपुर, पिंपरी चिंचवाड़, माधवनगर, सांगली, तासगाँव, कोल्हापुर, दापोली, म्हाड, खेड़, मानगांव, चिपलून, मानगढ़, रत्नागिरी सहित कर्नाटक के बेलगाँव, गदग, सौदंती आदि क्षेत्रों के श्रावक-श्राविका सैंकड़ों की संख्या में उपस्थित थे. साध्वीश्री मधुस्मिताजी ने उपस्थित श्रावक समाज को उद् बोधित करते हुए कहा कि- श्रावक वह होता है जो श्रद्धाशील हो, विवेकशील हो और क्रियाशील हो. शास्त्रों में चार कोटि के श्रावकों का वर्णन है- सुलभबोधि, समयकत्वी, व्रती एवं प्रतिमाधारी. उच्च कोटि का श्रावक बनने का लक्ष्य रहें. उन्होंने श्रावकत्व के सूत्र बताते हुए कहा- श्रावक आचारनिष्ठ रहें, मर्यादानिष्ठ रहें, आवेश-आग्रह को छोड़ें, अपनी विश्वसनीयता स्थापित करें और जिन आज्ञा का आराधक बनें. साध्वीश्रीजी ने अल्प समय में ही पश्चिमांचल श्रावक सम्मलेन जैसे वृहद कार्यक्रम की कल्पना और उ...

ज्ञानशाला दिवस का इचलकरंजी में हुआ आयोजन

ज्ञानशाला बगिया, ज्ञानार्थी फुल एवं प्रशिक्षक है मालाकार  – साध्वी श्री मधुस्मिताजी केन्द्रीय ज्ञानशाला प्रकोष्ठ निर्देशित ज्ञानशाला दिवस का इचलकरंजी ज्ञानशाला द्वारा हुआ आयोजन इचलकरंजी. ३० अगस्त. फुलों को यदि मालाकार न मिले तो वह गिरकर पैरों में कुचले जाते है किन्तु यदि उन्हें मालाकार मिल जाए तो वही फुल हार बनकर श्रृंगार बनते है. ठीक इसी तरह बच्चे भी फुल है. प्रशिक्षक रूपी मालाकार इन्हें संस्कारित बनाते है और यही संस्कारित बच्चे भविष्य के समाज का श्रृंगार बनते है. सम्यक् संस्कारों के अभाव में बच्चों का सर्वांगीण निर्माण नहीं होता और हम स्वस्थ भावी पीढी की कल्पना नहीं कर सकते. उक्त उदगार साध्वीश्री मधुस्मिता जी ने ज्ञानशाला की इचलकरंजी इकाई द्वारा आयोजित 'ज्ञानशाला दिवस’ के उपलक्ष में आयोजित कार्यक्रम में उपस्थित धर्मसभा को संबोधित करते हुए व्यक्त किए. साध्वीश्रीजी ने ज्ञानार्थी बच्चों को प्रेरणा देते हुए कहा कि- हर बालक को अपने जीवन में ३ गुणों को अवश्य अपनाना चाहिए- अनुशासन, विनम्रता एवं आलस्य निवृत्ति. साध्वीश्रीजी ने “करना भावी पीढी का नवनिर्माण है” गीतिका का सं...

तेमम इचलकरंजी द्वारा युवती सम्मेलन का हुआ आयोजन

इचल.। 9 अग.। स्थानीय तेरापंथ भवन में साध्वीश्री मधुस्मिताजी आदि ठाणा 7 के पावन सान्निध्य में महिला मंडल द्वारा युवती सम्मेलन का आयोजन किया गया। सफलता के सूत्र विषय पर आयोजित इस सम्मेलन में संभागी युवतियों को उद्बोधित करते हुए साध्वीश्री मधुस्मिताजी ने फ़रमाया कि- उपजाऊ भूमि के बिना जैसे लहलहाती फसल की कल्पना नहीं की जा सकती वैसे ही गुणों की सम्पदा के बिना सफलता की आशा भी नहीं की जा सकती । व्यक्ति में सहनशीलता, सकारत्मक दृष्टिकोण, परिश्रमशीलता, समानता, विनम्रता जैसे गुण विकसित हो एवं समय के साथ परिस्थितियों का आकलन करते हुए तदनुरूप कार्य करने की क्षमता का विकास हो तो वह निश्चित ही सफलता के ऊँचे शिखर को छु सकता है।  साध्वीश्री स्वस्थप्रभाजी, साध्वीश्री सहजयशाजी एवं साध्वीश्री मल्लिप्रभाजी ने गीतिका, प्रश्नोत्तरी एवं वक्तव्य के माध्यम से विषय का प्रतिपादन किया।  इससे पूर्व सम्मेलन का शुभारंभ महिला मंडल की बहिनों द्वारा मंगलाचरण के साथ हुआ। महिला मंडल अध्यक्षा सुनीता गिड़िया ने स्वागत वक्तव्य किया। भारती संकलेचा, शिल्पा बाफना आदि ने भी अपने विचार व्यक्त किए। आभार ज्ञापन उपा...